स्त्री : फिल्म समीक्षा

फिल्म: स्त्री
निर्मता : दिनेश विजान, राज एंड डीके
निर्देशक : अमर कौशिक
कलाकार: राजकुमार राव, श्रद्धा कपूर, अपारशक्ति खुराना, पंकज त्रिपाठी, अभिषेक बनर्जी
जॉनर : हॉरर कॉमेडी
रेटिंग: 4 स्टार

मुंबई :श्रद्धा कपूर की कई फ़िल्में आईं लेकिन फिल्म स्त्री आपको एक अलग लगेगी। हम इस लिए और कह रहे हैं क्योंकि जिस तरह से ट्रेलर आया है, उससे यह तो साबित हो गया कि फिल्म डरावनी है और साथ में कॉमेडी भी चलिए अब फिल्म की कहानी की तरफ चले हैं। आपको बता दें की फिल्म की कहानी मध्यप्रदेश के चंदेरी नगर की है। यहां एक लड़का है, जिसका नाम विक्की (राजकुमार राव) है। विक्की एक मशहूर लेडीज़ टेलर है। विक्की के गहरे दोस्त बिट्टू (अपारशक्ति खुराना) और जना (अभिषेक बनर्जी) हैं।चंदेरी नगर में हर साल खास समय पर ‘स्त्री’(चुड़ैल) वापस आती है और पुरुषों को उठा – उठा ले जाती है, चुड़ैल से बचने के लिए नगर के हर घर की दीवार पर लाल स्याही से ‘ओ स्त्री कल आना’लिखा रहता है.फिल्म की कहानी और स्क्रीनप्ले दोनों ही बेहतरीन तरीक़े से लिखे हुए हैं। फिल्म की कसावट इतनी अच्छी है कि फिल्म को एक पल के लिए भी आप छोड़ना नहीं चाहेंगे। कमाल के डायलॉग और पंचेस हैं। अपनी पहली फिल्म में अमर कौशिक ने जबरदस्त निर्देशन किया है। लोकेशन के साथ काफी सोच-समझ कर चुना गया है। जहां एक पल आप डर के चीख पड़ते हैं, तो दूसरे ही पल आपकी हंसी छूट जाती है। कई बार तो पर्दे पर किरदार डरता है और आप हंसी से लोट-पोट होते हो। फिल्म के ट्विस्ट भी अच्छे हैं।अब बात यदि अभिनय की करें, तो राजकुमार राव का काम उम्दा रहा है। अपने ट्रांसफॉर्मेंशन के लिए मशहूर राजकुमार ने इस फिल्म में भी अपनी वो ख़ासियत दिखाई है। वहीं पंकज त्रिपाठी ने भी शानदार काम किया है।अभिषेक बनर्जी और अपारशक्ति खुराना ने भी सहज अभिनय किया है। श्रद्धा ने भी ठीक-ठाक काम किया है। एडिटिंग टेबल पर भी फिल्म को अच्छी तरह से ट्रीट किया गया है, जिससे ये बेवजह की लंबी नहीं हुई है।इसके अलावा फिल्म के गाने जबरदस्ती ठूंसे हुए नहीं लगते हैं, उनके साथ कहानी आगे बढ़ती है। बैकग्राउंड स्कोर भी फिल्म का काफी दमदार है, जो सिनेमा हॉल की सीट पर बैठे आपके अंदर एक पल के लिए डर पैदा कर देता है।

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